केजरीवाल के 15 हीरे: सेक्स टेप के द्वारा जल-जमाव की समस्या पर पर्दा डालने की कोशिश

केजरीवाल के 15 हीरे: सेक्स टेप के द्वारा जल-जमाव की समस्या पर पर्दा डालने की कोशिश


अरविंद केजरीवाल की परेशानियाँ थमने का नाम नहीं ले रहीं। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक पहले भी कई तरह के मामले में गिरफ़्तार हो चुके हैं। उनके सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार से भी भर्ष्टाचार के मामले में पूछताछ हो रही है। अभी तक, संदीप कुमार के अलावा, बारह विधायकों को अलग अलग समय पर फ़र्ज़ी डिग्री, घरेलू हिंसा, भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न, दंगा भड़काने, मारपीट, बलात्कार और हत्या की धमकी, ज़बरन ज़मीन हथियाने आदि के आरोप में गिरफ़्तार किया जा चुका है।



आम आदमी पार्टी की दरारें अब दिखनी शुरू हो गई हैं। कल ही संदीप कुमार का एक सेक्स टेप सामने आया है जिसमें वो दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में पाए गए हैं। यूँ तो अरविंद केजरीवाल ने ये कहा है कि उनके पास सीडी आई और आधे घंटे के अंदर उन्होंने ट्विटर पर मंत्री को बर्खास्त कर दिया। लेकिन सीडी देने वाले व्यक्ति का कहना है कि सीडी पंद्रह दिन पहले उनके पास पहुँचाई गई थी और वो जानबूझकर तब तक बैठे रहे जब तक बात मीडिया में नहीं आ गई। 

बात जब मीडिया में आ गई थी तो उन्हें सीडी के बारे में बोलने के अलावा कोई और चारा नहीं दिखा और इस स्थिति को उन्होंने ऊँचा नैतिक आधार बनाते हुए ये कहा कि आधे घंटे में उस 'सड़ी मछली' को उन्होंने निकाल दिया। ग़ौरतलब ये है कि इस सीडी की टाइमिंग ज़बरदस्त है। ये तब आई है जब दिल्ली में बरसात से लोग परेशान हैं। सड़कों पर पानी है, नाले बह रहे हैं, चिकनगुनिया, डेंगू आदि बीमारियाँ फैल रही हैं, और सरकार को हर तरफ से घेरा जा रहा है। इस समय इस सीडी का इस्तेमाल बहुत सोच समझ कर किया जाने वाले क़दम बताया जा रहा है। 

आइए, एक नज़र डालते हैं आम आदमी पार्टी के विधायकों पर जिन पर तरह तरह के आरोप हैं और जिनकी गिरफ़्तारियाँ हो चुकी हैं:

संदीप कुमार: सुल्तानपुर मजरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक, आम आदमी पार्टी का दलित चेहरा और कैबिनेट में अकेले दलित मंत्री थे संदीप कुमार। संदीप कुमार को कल उनके मंत्री पद से हटा दिया गया। वो महिला और बाल कल्याण मंत्रालय के साथ ही SC/ST कल्याण मंत्रालय भी सँभालते थे। अभी तक इनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है। 

आसिम अहमद खान: मटिया महल विधायक और खाद्य आपूर्ति मंत्री को केजरीवाल ने खुद ही मीडिया के सामने उनके किसी बिल्डर से घूस लेने का टेप चलाकर बर्खास्त किया था। बाद में आसिम ने केजरीवाल के बारे में कहा कि केजरीवाल से उनके और उनके परिवार की जान को ख़तरा है और उन्हें लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं। 

शरद चौहान: नरेला विधायक (और उनके समर्थकों) पर पार्टी वोलेंटियर पर यौन-उत्पीड़न, छेड़छाड़, और अंततः आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुक़दमा चल रहा है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इसकी झनाबीन कर रही है और इनके साथ छः और लोग इस मामले में गिरफ़्तार हुए हैं।

नरेश यादव: महरौली विधायक पर पंजाब में 24 जून को क़ुरान फाड़कर साम्प्रदायिक सद्भावना बिगाड़ने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक़ मुख्य अभियुक्त विजय कुमार ने कथित तौर पर नरेश यादव के कहने पर ये काम किया था। वो अभी बेल पर बाहर हैं।

अमानतुल्लाह खान: ओखला विधायक एक महिला को बलात्कार और मौत की धमकी देने के जुर्म में गिरफ़्तार हुए। इनकी गिरफ़्तारी भी 24 जून को ही हुई। महिला के अनुसार, जब वो अपने इलाक़े में बार बार बिजली जाने की शिकायत लेकर इनके पास गई तो खान ने बलात्कार के साथ साथ जान से मार देने की धमकी दी। वो भी बेल पर बाहर हैं।

सोमनाथ भारती: पूर्व क़ानून मंत्री को दिल्ली पुलिस ने 2015 में गिरफ़्तार किया था जब इनकी पत्नी ने इसपर घरेलू हिंसा और जान से मारने की कोशिश करने का इल्ज़ाम लगाया था। लगभग एक सप्ताह पुलिस से भागते रहने के बाद भारती ने आत्मसमर्पण किया था। बाद में उन्हें बेल दे दिया गया। हलाँकि इसी साल जुलाई में उन पर अपने समर्थकों को अपनी पत्नी के साथ दुराचार के लिए उकसाने का चार्ज भी लगा है।

दिनेश मोहनिया: संगम विहार विधायक महिला के साथ यौन-उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप में पकड़े गए। रपट के मुताबिक जब महिलाओं का एक समूह पानी की समस्या लेकर विधायक के पास पहुँचा तो इन्होंने कथित तौर पर ये हरकत की। मोहनिया दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व उप-चेयरमैन रह चुके हैं। फ़िलहाल वो बेल पर बाहर हैं।

जितेंद्र सिंह तोमर: ये भी पूर्व क़ानून मंत्री रह चुके हैं और सोमनाथ भारती की तरह इन्हें भी 2015 में गिरफ़्तार किया गया था। फ़र्ज़ी डिग्री के आरोप में फँसे तोमर तिहार जेल में डेढ़ महीने बिता चुके हैं। हलाँकि तोमर साहब ने इस कांड को 'छोटी-मोटी बात' कहा है।

कमांडो सुरिंदर सिंह: दिल्ली कैंटोन्मेंट विधायक पर NDMC के कर्मचारी पर जातिगत टिप्पणियाँ करने का आरोप है। इन्हें 21 अगस्त को पिछले साल गिरफ़्तार किया गया था। पूर्व NSG कमांडो के अनुसार जब वो एक सब्जीवाले को NDMC के कर्मचारियों से बचाने की कोशिश कर रहे थे, तब ये घटना हुई। वो अभी बेल पर बाहर हैं। 

जगदीप सिंह: हरिनगर विधायक को 30 मई को मारपीट के आरोप में पकड़ा गया था। एक वेस्ट-मैनेजमेंट कम्पनी के प्रबंधक को उन्होंने कथित तौर पर मारा था। बाद में उन्हें बेल मिल गई। 

मनोज कुमार: कोंडली विधायक को पिछले साल 10 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था। उन पर धोखाधड़ी और ज़मीन हथियाने का आरोप लगा था। उन्हें पिछले साल ही बेल भी मिल गई थी। मनोज कुमार पर घरेलू हिंसा के भी आरोप लगे थे जिनके कारण उन्हें दिल्ली महिला कमीशन के सामने भी उपस्थित होना पड़ा था। 

अखिलेश त्रिपाठी: मॉडल टाउन विधायक पर 'दंगा करने' का आरोप लगा था और 26 नवंबर को उन्हें पकड़ा गया था। हलाँकि गवाहों के मुकड़ जाने के बाद उन्हें सारे आरोपों से मुक्त कर दिया गया।

महेन्द्र यादव: विकासपुरी विधायक को इस साल 29 जनवरी को 'दंगा करने' और सरकारी कर्मचारी को मारने-पीटने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। बाद में इन्हें बेल दे दिया गया।

प्रकाश जरवाल: देवली विधायक को महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ़्तार किया गया जबकि पीड़िता ने स्वयं लेफ़्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग और पुलिस कमिश्नर के यहाँ शिकायत की थी। मई 2014 में जरवाल को दिल्ली जल बोर्ड के एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने के लिए भी गिरफ़्तार किया जा चुका है।

Note :उपर्युक्त तथ्यों के गलत होने पर कृपया तुरंत कमेंट बॉक्स से सूचित करे /इस पोस्ट का उद्देश्य आप /या आप विधायको को अपमानित या दुस्प्रचारित करने का नहीं है ..ये सामान्य इन्टरनेट पर उपलब्ध जानकरी के आधार पर है .

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